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Friday, April 30, 2010

सुर संग्राम विजेता………….. मैं ....?

                               आलोक और मोहन

इस सुपरहिट ग्रैंड फिनाले को हुए 6 महीने हो गए. उससे मुलाक़ात भी पहले हो चुकी थी. पर इस बार मैं अपनी मोटरसाइकिल से पटना आ रहा था और रास्ते में उसके घर रुक गया था. चाचाजी और चाचीजी ने आशीर्वाद दिया. दिन भर रुक कर खूब सारी बातें हुई. मेरे दोस्त (और उसके बड़े भैया ) , अरविन्द जी भी जो थे. बेचारे सभी अपने घर के renovation में लगे हुए थे और मजदूर काम कर कर रहे थे. अब वो सेलेब्रिटी जो बन गया है. परेशानी तो आपको साफ़ दिख रहा होगा.  

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पता नहीं मैं ऐसे पुरस्कार जीत पाऊँगा या नहीं पर उसे अपने हाथ में थाम तो सकता ही  हूँ.

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4 comments:

अभिषेक ओझा said...

badhai !
ab isi khushi mein agli post phataphat :)

Udan Tashtari said...

अरविन्द जी को बधाई.. :)

annapurna said...

बधाई !

बहुत देरी से आया यह समाचार।

indu puri said...

ha ha ha waah ! le hi aaye trophy.mithai khila do ftaft.aur.......us oonchai tk pahuncho jahan tk jaane ka spna tumhari aankhen ne dekha hai .